नई दिल्ली। इस साल की दिवाली व्यापार जगत और उपभोक्ताओं दोनों के लिए खास होने वाली है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि त्योहारों के मौसम से पहले “GST 2.0” के नाम से एक बड़े कर सुधार पैकेज की घोषणा की जाएगी, जिसके तहत कई वस्तुओं और सेवाओं पर GST दरों में कटौती की जाएगी।
सरकार का मकसद—मांग और व्यापार को बढ़ावा देना
वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी सुधारों का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के समय उपभोक्ता मांग को तेज़ी से बढ़ाना है। दिवाली के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल, और घरेलू उपकरणों की बिक्री में परंपरागत रूप से उछाल आता है। टैक्स दरों में कमी से कीमतें घटेंगी, जिससे आम उपभोक्ता का बजट हल्का होगा और खरीदारी का उत्साह बढ़ेगा।
कौन-कौन से सेक्टर होंगे लाभान्वित?
हालांकि आधिकारिक दरें और श्रेणियां अभी घोषित नहीं की गई हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार—
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व्हाइट गुड्स (जैसे AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन)
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कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स (जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप)
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परिधान और फुटवियर
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ऑटोमोबाइल के कुछ सेगमेंट
इनमें GST दरों में 2% से 5% तक की कमी देखने को मिल सकती है।
GST 2.0 में और क्या बदलाव संभव?
GST 2.0 सिर्फ टैक्स दर कटौती तक सीमित नहीं होगा। इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सरल बनाने, रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को तेज करने, और छोटे व्यापारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम को अधिक लचीला बनाने के प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव खासतौर पर MSME सेक्टर के लिए फायदेमंद होंगे।
विशेषज्ञों की राय
कर विशेषज्ञों का कहना है कि GST दरों में कमी से अल्पकालिक रूप से सरकार के कर राजस्व में गिरावट आ सकती है, लेकिन त्योहारों के दौरान बढ़ी हुई बिक्री और उपभोक्ता मांग इस नुकसान की भरपाई कर सकती है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम महंगाई नियंत्रण और विकास दर को गति देने में भी मददगार होगा।
निष्कर्ष
GST 2.0 को दिवाली से पहले लागू करना सरकार के लिए एक रणनीतिक कदम है, जो उपभोक्ता संतोष और व्यवसायिक गतिविधियों को एक साथ बढ़ावा देगा। अगर यह योजना अपेक्षा के अनुसार सफल होती है, तो यह भारत में कर सुधारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।



