परिचय
बॉलीवुड के एक्शन जॉनर में जब भी बड़े बजट, हाई-ऑक्टेन स्टंट्स और सुपरस्टार्स की जोड़ी की बात होती है, War 2 का नाम अपने आप आ जाता है। 2019 की War की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद, इस सीक्वल से दर्शकों की उम्मीदें आसमान छू रही थीं। खासतौर पर जब इसमें ऋतिक रोशन के साथ साउथ के मेगा स्टार जूनियर एनटीआर को कास्ट किया गया, तो पैन-इंडिया अपील और भी बढ़ गई। फिल्म का हिस्सा है YRF Spy Universe, जिसमें पहले ही Pathaan और Tiger जैसी फिल्में शामिल हैं।
लेकिन सवाल है — क्या War 2 ने उम्मीदों पर खरा उतरा? जवाब है — आंशिक रूप से हाँ, आंशिक रूप से नहीं।
कहानी और स्क्रीनप्ले
फिल्म की कहानी बड़े स्केल पर डिजाइन की गई है — अंतरराष्ट्रीय मिशन, हाई-लेवल स्पाई ऑपरेशन, और दो ताकतवर किरदारों का टकराव।
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पहला हाफ: शुरुआत धमाकेदार है। लोकेशन्स, एक्शन, और इंट्रोडक्शन सीन इतने ग्रैंड हैं कि दर्शक तुरंत जुड़ जाते हैं। ऋतिक का एंट्री सीन और जूनियर एनटीआर का इंट्रोडक्शन दोनों ही थिएटर में सीटियां बजवाने लायक हैं।
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दूसरा हाफ: यहीं फिल्म थोड़ी कमजोर पड़ती है। कहानी का टेम्पो गिरता है, और कुछ ट्विस्ट प्रेडिक्टेबल लगने लगते हैं। स्क्रीनप्ले में कई बार रिपीटेड पैटर्न दिखता है — मिशन, चेज़, फाइट, और फिर मिशन। इमोशनल लेयर को और गहरा किया जाता तो इम्पैक्ट दोगुना हो सकता था।
अभिनय और किरदार
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ऋतिक रोशन (Kabir): उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस, बॉडी लैंग्वेज और एक्शन परफॉर्मेंस शानदार है। उन्होंने अपने रोल में स्टाइल और स्वैग दोनों भर दिया है। लेकिन स्क्रिप्ट ने उनके किरदार के इमोशनल पहलू को उतना एक्सप्लोर नहीं किया।
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जूनियर एनटीआर: फिल्म में ताजगी और दम दोनों लाते हैं। उनके फाइट सीन्स और डायलॉग डिलीवरी पावरफुल हैं। लेकिन उनके किरदार की बैकस्टोरी अधूरी लगती है, जिससे ऑडियंस उनके साथ पूरी तरह कनेक्ट नहीं कर पाती।
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सपोर्टिंग कास्ट: कुछ जाने-माने चेहरे हैं, लेकिन उनकी भूमिका सीमित है। विलेन का कैरेक्टर दिखने में स्ट्रॉन्ग है, लेकिन उसका डेवलपमेंट कमजोर है।
एक्शन सीक्वेंस और टेक्निकल पहलू
अगर आप सिर्फ एक्शन के लिए फिल्म देखने जा रहे हैं, तो निराश नहीं होंगे।
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फिल्म में कार चेज़, हेलिकॉप्टर स्टंट, और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट सीन्स वर्ल्ड-क्लास लेवल के हैं।
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इंटरनेशनल लोकेशन्स (यूरोप, मिडिल ईस्ट) का इस्तेमाल विजुअली बेहद शानदार है।
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कुछ सीन्स में वीएफएक्स टॉप-क्वालिटी के हैं, लेकिन कुछ जगह ग्रीन-स्क्रीन इफेक्ट साफ नज़र आते हैं।
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सिनेमैटोग्राफी टॉप-नॉच है — खासकर स्लो-मोशन एक्शन शॉट्स और ड्रोन्स से लिए गए वाइड ऐंगल शॉट्स।
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म का म्यूजिक उतना इम्प्रेसिव नहीं है। गाने कहानी में फिट नहीं बैठते और थियेटर से निकलने के बाद याद भी नहीं रहते।
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हां, बैकग्राउंड स्कोर जबरदस्त है, खासकर एक्शन और बिल्ड-अप सीन्स में।
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जूनियर एनटीआर और ऋतिक के फेस-ऑफ मोमेंट्स में BGM का इम्पैक्ट सीटियां बजवा देता है।
डायरेक्शन और एडिटिंग
निर्देशक ने फिल्म को एक स्टार-ड्रिवन एक्शन शोकेस की तरह पेश किया है।
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पॉजिटिव: बड़े पैमाने पर एक्शन, स्टार पावर का सही इस्तेमाल, और कुछ ट्विस्ट अच्छे से प्लेस किए गए।
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नेगेटिव: कहानी में नयापन की कमी, इमोशनल कनेक्ट कमजोर, और फिल्म की लंबाई थोड़ी ज्यादा महसूस होती है।
एडिटिंग टाइट होती तो फिल्म का टेम्पो बेहतर रहता।
ऑडियंस रिस्पॉन्स
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एक्शन लवर्स: बेहद खुश, खासकर बड़े पर्दे पर देखने का मजा।
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स्टोरी लवर्स: मिक्स्ड रिस्पॉन्स, क्योंकि स्क्रिप्ट में गहराई नहीं है।
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फैमिली ऑडियंस: मनोरंजन के लिए एक बार देख सकते हैं, लेकिन बच्चों के लिए हिंसा थोड़ी ज्यादा है।
प्लस पॉइंट्स
- ऋतिक और जूनियर एनटीआर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री।
- हाई-स्केल एक्शन सीक्वेंस और शानदार लोकेशन्स।
- बैकग्राउंड स्कोर का असरदार इस्तेमाल।
माइनस पॉइंट्स
- कहानी में नयापन और इमोशनल डेप्थ की कमी।
- कुछ जगह वीएफएक्स की क्वालिटी अनइवन।
- गाने कमजोर और अनरिमेम्बरेबल।
फाइनल वर्डिक्ट
War 2 एक विजुअली ग्रैंड, एक्शन-फुल फिल्म है जिसमें स्टार पावर और स्टंट्स का पूरा तड़का है। लेकिन अगर आप एक सॉलिड स्टोरी और गहरे इमोशनल कनेक्शन की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको अधूरा महसूस कराएगी।
थिएटर में एक बार देखने लायक, खासकर बड़े पर्दे और डॉल्बी साउंड के साथ।
रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)



