कभी एक छोटी-सी ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली कंपनी… और आज दुनिया की सबसे महंगी टेक कंपनी!
हम बात कर रहे हैं NVIDIA की — जिसने इतिहास रचते हुए $4 ट्रिलियन डॉलर (करीब 334 लाख करोड़ रुपये) की मार्केट वैल्यू पार कर ली है।
NVIDIA अब सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक टेक लीजेंड बन चुकी है — और दुनिया की पहली चिपमेकर कंपनी, जिसने ये मुकाम हासिल किया है।
एक गेमिंग कंपनी से AI के बादशाह तक का सफर
साल 1993 में NVIDIA की शुरुआत एक सिंपल आइडिया के साथ हुई — ऐसा ग्राफिक्स कार्ड बनाना, जिससे वीडियो गेम्स ज्यादा रियल लगें।
कंपनी धीरे-धीरे गेमिंग इंडस्ट्री में जानी जाने लगी, लेकिन इसके पीछे छुपा था एक और बड़ा सपना।
उस सपने को CEO जेंसन हुआंग ने ज़िंदा रखा।
जब दुनिया AI को सिर्फ एक भविष्य मान रही थी — NVIDIA ने उसी भविष्य की नींव रख दी।
AI बूम ने NVIDIA को बनाया रॉकेट
साल 2022 के बाद से AI ने दुनिया को हिला कर रख दिया —
ChatGPT आया, Google Gemini आया, Meta AI आया… और इन सब के पीछे एक नाम था — NVIDIA।
क्योंकि इन टूल्स को चलाने के लिए चाहिए सुपरफास्ट GPU, और वो बनाता है सिर्फ NVIDIA।
आज OpenAI, Microsoft, Amazon, Google — हर कोई NVIDIA के चिप्स पर निर्भर है।
H100 और Blackwell B200 — AI की सोने की खान
NVIDIA के H100 और नए लॉन्च हुए Blackwell B200 चिप्स को लोग AI का पेट्रोल कहने लगे हैं।
ये चिप्स AI मॉडल्स को उतनी ही तेजी से ट्रेन करते हैं, जितनी तेजी से दुनिया बदल रही है।
शेयर मार्केट में धमाका
2020 में NVIDIA का शेयर था सिर्फ $100…
2025 में वही शेयर $1600 से ऊपर जा चुका है।
यानी लगभग 2000% की ग्रोथ — और इस जून में NVIDIA ने Apple और Microsoft तक को पीछे छोड़ दिया।
अब हर कोना NVIDIA से जुड़ा है
आज NVIDIA सिर्फ अमेरिका में नहीं, भारत, चीन, यूरोप, मिडल ईस्ट हर जगह के सुपरकंप्यूटर और डेटा सेंटर्स में मौजूद है।
भारत की Reliance, Tata, Infosys जैसी दिग्गज कंपनियां भी AI प्रोजेक्ट्स के लिए NVIDIA से साझेदारी कर रही हैं।
जेंसन हुआंग – आज के दौर के ‘स्टीव जॉब्स’
ब्लैक जैकेट, सादा बोलचाल और जबरदस्त दूरदृष्टि।
जेंसन हुआंग आज दुनिया भर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं।
उन्होंने दिखाया कि अगर समय से पहले सही टेक्नोलॉजी में विश्वास किया जाए,
तो नामुमकिन कुछ नहीं।
आगे क्या?
अब NVIDIA सिर्फ चिपमेकर नहीं, बल्कि AI इकोसिस्टम का राजा बन चुका है।
आने वाले सालों में कंपनी का फोकस होगा:
- रोबोटिक्स
- सेल्फ-ड्राइविंग कार्स
- मेडिकल AI रिसर्च
- क्लाउड कंप्यूटिंग
और एक्सपर्ट्स का मानना है —
$10 ट्रिलियन क्लब में सबसे पहले कदम रखने वाली कंपनी भी शायद यही होगी।
निष्कर्ष
NVIDIA की कहानी सिर्फ टेक्नोलॉजी की नहीं है —
ये कहानी है विज़न, भरोसे और वक्त से पहले उठाए गए फैसलों की।
$4 ट्रिलियन सिर्फ एक नंबर नहीं है…
ये इस बात का सबूत है कि AI ही भविष्य है — और NVIDIA उसका इंजन।



