पिछले कुछ सालों से आप देख ही रहे होंगे कि चारों तरफ इलेक्ट्रिक गाड़ियों का शोर है। हर कंपनी EV ला रही है। Volvo भी पीछे नहीं रही।XC40 Recharge और फिर C40 Recharge, ये दोनों गाड़ियां लेकर कंपनी ने साफ कर दिया था कि उनका फोकस इलेक्ट्रिक पर है।
लेकिन एक हकीकत है जिसे Volvo ने समझ लिया। भारत अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। बड़े शहर छोड़ दें तो चार्जिंग स्टेशन ढूंढना आज भी टेंशन का काम है। ऐसे में लोगों ने कंपनी से कहा – “EV अच्छी है, पर हमें भरोसे के लिए पेट्रोल/डीजल का ऑप्शन भी चाहिए।”
Volvo ने क्या प्लान बनाया
अब कंपनी का कहना है –
- EV भी रहेंगे,
- और पेट्रोल-हाइब्रिड वाले मॉडल भी साथ चलेंगे।
मतलब आने वाले 4-5 साल में दोनों ट्रैक पर काम होगा। क्यों? क्योंकि उनका मानना है कि भारत में फिलहाल पूरा ट्रांजिशन एकदम से नहीं हो सकता।
5 बातें जो Volvo अब करेगी
- बैटरी और टेक्नोलॉजी को भारत में लाने की कोशिश (ताकि दाम थोड़ा नीचे आए)।
- नई इलेक्ट्रिक SUVs जिनकी रेंज लंबी होगी।
- ICE (पेट्रोल और हाइब्रिड) कारों के इंजन को और बेहतर करना।
- कस्टमर को दोनों का चुनाव खुद करने देना।
- धीरे-धीरे 2030 तक इलेक्ट्रिक पर ज्यादा फोकस करना।
फायदा किसे होगा?
जो लोग EV का मज़ा लेना चाहते हैं और शहर में चार्जिंग की दिक्कत नहीं है, उनके लिए नए इलेक्ट्रिक मॉडल आएंगे। और जो लोग लंबी दूरी का सफर करते हैं, या जहां चार्जिंग की सुविधा नहीं है, उनके लिए पेट्रोल-हाइब्रिड मौजूद रहेंगे।
अभी भारत में कौन सी Volvo कारें हैं
| मॉडल | फ्यूल | मुख्य फीचर | कीमत (लगभग) |
|---|---|---|---|
| XC40 Recharge | इलेक्ट्रिक | 78 kWh बैटरी, करीब 500 किमी रेंज | ₹60 लाख |
| C40 Recharge | इलेक्ट्रिक | कूपे स्टाइल, डुअल मोटर | ₹62 लाख |
| XC60 | पेट्रोल/हाइब्रिड | लक्ज़री इंटीरियर, ADAS फीचर | ₹68 लाख |
| S90 | पेट्रोल/हाइब्रिड | प्रीमियम सेडान, बेहतरीन ऑडियो सिस्टम | ₹68–70 लाख |
रास्ता आसान नहीं
- चार्जिंग स्टेशन अभी भी कम हैं
- इलेक्ट्रिक गाड़ियां महंगी हैं
- बैटरी मैन्युफैक्चरिंग भारत में शुरू होनी बाकी है
आखिर में
Volvo का मकसद साफ है – जो लोग EV चाहते हैं उनके लिए भी रास्ता, और जिनको पारंपरिक इंजन पर भरोसा है उनके लिए भी। 2030 तक वो पूरी तरह इलेक्ट्रिक पर जाना चाहते हैं, लेकिन भारत में यह सफर धीरे-धीरे ही होगा।



